एक बुक जर्नल: January 2020 Reads

Wednesday, February 12, 2020

January 2020 Reads

जनवरी में पढ़ी गयी किताबें

साल 2020 का पहला महीना गुजरे लगभग एक हफ्ता से ऊपर हो चुका है। इस महीने काफी कुछ नया मेरे साथ घटित हुआ। इस महीने मैंने किताबें तो पढ़ी ही लेकिन किताबें पढ़ने के अलावा नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेले 2020 में मुझे भाग लेने का मौका भी मिला। यूँ तो मैं हर साल इस पुस्तक मेले में जाता था लेकिन उस वक्त मेरा पुस्तक मेले में शामिल होना केवल एक पाठक के नाते होता था लेकिन इस बार अनुभव कुछ अलग था। इस बार स्टाल के दूसरे तरफ से चीजें कैसी दिखती हैं इसका अनुभव फ्लाईड्रीम्स और सूरज पॉकेट बुक्स के माध्यम से मुझे हुआ। (पुस्तक मेले के मेरे यात्रा वृत्तांतों को आप निम्न दो पोस्ट्स में जाकर पढ़ सकते हैं: नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला #1, नई दिल्ली विश्व पुस्तक मेला #2) इस पुस्तक मेले में मैंने ढेर सारी किताबें भी ली हैं जिनकी सूची आपको इन दो पोस्ट्स पर ही मिल जाएँगी।

वापस जनवरी में पढ़े जाने वाली किताबों पर आऊँ तो इस बार मैंने तीन कॉमिक बुक्स,दो कहानी संग्रह, दो बाल उपन्यास, दो लघु-उपन्यास (novella), एक निबंध संग्रह और दो उपन्यास पढ़े।इन किताबों की सूची निम्न है:


  1. राजन इकबाल पिछले जन्म में - शुभानन्द (उपन्यास)
  2. बर्फ की चिता (कॉमिक)
  3. Real Ghost and Paranormal Stories in India - Shalu Sharma (कहानी संग्रह)
  4. गढ़ी के खंडहर - राजनारायण बोहरे (बाल उपन्यास)
  5. The End of India - Khushwant Singh (निबंध संग्रह)
  6. मानसरोवर भाग 1.1, मानसरोवर भाग 1.2- मुंशी प्रेमचन्द (कहानी संग्रह)
  7. बाज़ी - सुरेन्द्र मोहन पाठक (उपन्यास)
  8. यज्ञा 1 :लाइट कैमरा कॉमिक्स  (कॉमिक)
  9. यज्ञा 2: ब्लड बाथ (कॉमिक)
  10. Murder Most Pumpkin - Stella Berry (लघु-उपन्यास)
  11. आगे बढ़ो सीक्रेट सेवेन - एनिड ब्लाइटन (बाल उपन्यास )
  12. Books,Blogs and Bloody Murder by Michelle Ann Hollstein(लघु उपन्यास)


कहानी संग्रह में प्रेम चंद जी के मानसरोवर का पहला भाग भी पढ़ा। इसके विषय में इतना ही कह सकता हूँ कि अगर नहीं पढ़ा है तो पढ़ लीजिये।  इस साल मानसरोवर के समस्त आठ खंड पढ़ने का मेरा विचार है। देखना है कितनी जल्दी इस लक्ष्य को मैं प्राप्त कर पाता हूँ। दूसरा संग्रह मैंने शालू शर्मा जी Real Ghost and Paranormal Stories in India का पढ़ा। यह संग्रह तो छोटा ही है लेकिन इसमें उन्होंने भूत प्रेतों से जुड़े ऐसे किस्से सुनाये हैं जो उन्होंने अपने दोस्तों या रिश्तेदारों से सुने हैं। किस्से अच्छे हैं लेकिन कहने का तरीका और बेहतर हो सकता था। थोड़ा सस्पेंस या रोमांच लेखन में इस्तेमाल किया जा सकता था।

इस साल मैंने कथेतर साहित्य (नॉन फिक्शन) पर  ज्यादा ध्यान देने का मन बनाया है। कम से कम एक किताब भी हर महीने अगर मैं पढ़ लूँगा तो मुझे ख़ुशी होगी। जनवरी में खुशवंत सिंह के चार निबंधों के संकलन एन्ड ऑफ़ इंडिया पढ़ी थी। यह पुस्तक मुझे रोचक लगी। काफी बातों से मैं सहमत था और काफी से असहमत। मैं इस पुस्तक में मौजूद निबंधों को दोबारा पढ़ना चाहता हूँ और यही कारण है इसके विषय में मैंने अभी कोई पोस्ट नहीं लिखी है। दोबारा पढ़कर ही पोस्ट करूँगा। फरवरी में कथेतर में क्या उठना है यह अभी निर्धारित नहीं किया है लेकिन जल्द ही कुछ न कुछ उठाऊँगा। काफी किताबें मेरी राह जो तक रही हैं।

इस बार तीन कॉमिक बुक पढ़ीं। ध्रुव की कॉमिक बर्फ की चिता शायद मैंने तब पढ़ी होगी जब मैं पाँचवी छठवीं में रहा होऊँगा। इतने वर्षों बाद इस कॉमिक को दोबारा पढ़कर  उतना ही मज़ा आया जितना उस वक्त आया था। नितिन मिश्रा जी का तो मैं वैसे भी फैन रहा हूँ तो जब मुझे पता लगा था कि उन्होंने यज्ञा नाम से नयी कॉमिक बुक सीरीज निकाली है तो मैंने वह तुरंत ही ले ली थी। लेने का कारण यह भी था कि यह कहानियाँ परिपक्व पाठकों के लिए लिखी गयी हैं। आजकल ऐसी कॉमिक बुक भी मैं पढ़ना चाहता हूँ। मेरा हमेशा से मानना रहा है कि कॉमिक केवल एक माध्यम है जिसका इस्तेमाल करके आप किसी भी तरह और किसी भी उम्र के पाठकों के लिए कहानियाँ बताई जा सकती है। यह देखकर अच्छा लगता है कि पहले बच्चों के लिए ही मानी जानी वाली कॉमिक को अब विस्तार दिया जा रहा है।असुर देवी यज्ञा श्रृंखला में अभी तक दो कॉमिक आये हैं:यज्ञा 1 :लाइट कैमरा कॉमिक्स और यज्ञा २: ब्लडबाथ   इन्हे पढ़ने का मौका इस महीने लगा। कॉमिक पढ़कर आनंद आया। इन दो खंडों में नीरज जी के असुर देवी यज्ञा को पाठको से मिलवाया है। इन खंडों में यज्ञा रक्तकुला और उसके षड्यंत्र को ध्वस्त करती दिखती है। कॉमिक और उसके किरदार मुझे पसंद आये।  असुर देवी यज्ञा और प्रज्ञा पराशर से अगली मुलाक़ात का मुझे इन्तजार रहेगा।

बाल उपन्यासों की बात करूँ तो गढ़ी के खंडहर पुस्तक मेले में देव बाबू ने ली थी और मैंने इसे उसी दिन ही पढ़ दिया था। रोचक उपन्यास था। वैसे भी रोमांचक बाल उपन्यासों की कमी हिंदी में रही है। ऐसे में यह उपन्यास इस कमी को थोड़ा तो पूरा करता है। इस महीने दूसरा उपन्यास मैंने आगे बढ़ो सीक्रेट सेवन पढ़ा। सीक्रेट सेवन श्रृंखला के अब तक पाँच उपन्यास हिन्दी में अनूदित हुए हैं और ये पाँचों ही मैंने पढ़ लिए हैं। अनुवाद हमेशा की तरह अच्छा था। हाँ कहानी में खलनायक थोड़ा और खतरनाक होता तो और बेहतर रहता। उपन्यास पढ़ते हुए मज़ा आया था।

उपन्यास की बात करूँ तो इस बार दो उपन्यास पढ़े। राजन इकबाल पिछले जन्म में रोचक था। व्यक्तिगत तौर पर मुझे लगा कि इसे राजन इक़बाल से नहीं जोड़ा जाता तो बेहतर रहता। इससे उपन्यास और खिलकर आ सकता था। दूसरा उपन्यास सुधीर कोहली श्रृंखला का बाज़ी पढ़ा। सुधीर की दुनिया में जाना वैसे ही रोचक रहता है। इस बार भी रोचकता बरकरार रही।

जनवरी में दो लघु उपन्यास: मर्डर मोस्ट पम्पकिन और बुक्स ब्लोग्स और ब्लडी मर्डर भी पढ़े। दोनों ही लघु उपन्यास कोजी मिस्ट्री थे। मुझे आजकल हार्ड बॉयल्ड की जगह कोजी मिस्ट्री पढ़ने में ज्यादा मज़ा आ रहा है। इसमें रहस्य तो होता है लेकिन माहौल हल्का फुल्का मज़ाकिया होता है तो आप चीजों को एन्जॉय कर सकते हो। जहाँ मर्डर मोस्ट पम्पकिन में एक विच है जो कि एक कत्ल का रहस्य सुझाती है वहीं बुक्स ब्लोग्स और ब्लडी मर्डर में एक पचास साला दादी अम्मा है जो कि अपनी ब्लॉगर दोस्त के साथ एक कत्ल के मामले को सुलझाती है। दोनों ही दुनियाओं में विचरण करना मुझे पसंद आया। इन दुनियाओं में दुबारा मैं जरूर जाना चाहूँगा।

इन सब किताबों में से कुछ के विषय में मैंने पोस्ट बनाकर लिखा है और कुछ के विषय में जल्द ही लिखूँगा।  जिनके विषय में लिखा है उनके विषय में मेरी विस्तृत राय आप नाम पर क्लिक करके पढ़ सकते हैं।

फरवरी की बात करूँ तो हाल में मैंने दो उपन्यास पढ़े हैं। एक तो राजन इकबाल रिबॉर्न श्रृंखला का उपन्यास कब्र का रहस्य है और दूसरा उपन्यास सुपर्णा चटर्जी का द आल बंगाली क्राइम डिटेक्टिव्स है। दोनों ही उपन्यास हैं तो अपराध साहित्य लेकिन दोनों ही बहुत अलग तरह के हैं। दोनों ही मुझे पसंद आये थे।

 अभी की बात करूँ तो अभी मैं आई हेव नो माउथ एंड आई मस्ट स्क्रीम पढ़ रहा हूँ। इस कहानी संग्रह को जल्द ही खत्म करूंगा। इसके अलावा मैंने रीमा भारती का उपन्यास लहू के पुजारी भी पढ़ना शुरू किया है। कुछ पृष्ठ पढ़े हैं और अभी तो कथानक रोचक लग रहा है। इन दो किताबों को पढ़ने के बाद मैं एक हॉरर कहानी संग्रह और एक गंभीर उपन्यास उठाऊँगा। ये किताबें क्या होंगी ये तो अभी नहीं पता लेकिन कुछ न कुछ रोचक जरूर होगा। देखते हैं क्या होता है।

तो ये था मेरे पिछले महीने का लेखा जोखा और हाल फिलहाल का लेखा जोखा।

आपने जनवरी में क्या-क्या पढ़ा?
फरवरी में आप लोग क्या पढ़ रहे हैं और आगे क्या पढ़ने का इरादा है? 
क्या इस पोस्ट में दी गयी किताबों में से आपने कुछ पढ़ा है? अगर हाँ तो उनके विषय में अपने विचार जरूर दीजियेगा। 

© विकास नैनवाल 'अंजान'

2 comments:

  1. जी जनवरी मे मैने 3 पुस्तके ही पढ़ी।
    मुझे भी नॉन फिक्शन पढ़ना था और इसलिए मेरे मोबाईल मे कई महीनों से पड़ी जैक द रीपर की ईबुक पढ़ वर्ष की शुरुआत की।
    मुझे सेकंड हैंड मे रुयार्ड किपलिंग की पुस्तक captains courageous का बच्चो वाला इलेस्ट्रेटेड संस्करण मिला था, वह पढ़ी।
    और तीसरी पुस्तक और दूसरी नॉन फिक्शनपुस्तक मुझे किंडल पर captivating history द्वारा लिखित the wars of roses मिली थी, उसे पढ़ा था।

    फिलहाल फरवरी मे मैं अपने गाँव शादी मे हूँ और इसलिए मेरे पास बहुत समय था, तो इसलिए मैने इसी महीने कई पुस्तके पढ़ने का फैसला लिया।

    पहले तो मैने Celtic Mythology पढ़ी, जो hourly history द्वारा प्रकाशित कुल 50 पृष्ट की लघु पुस्तिका थी।

    फिलहाल मैं mc beaton जी की cozy murder Mystery पढ़ रहा हूँ, जिसका नाम है Death of the Gossips, हाल ही मे MC beaton जी का निधन हुआ था।

    फिर मैं अगथा क्रिस्टी जी का मास्टरपीस कहे जाने वाला उपन्यास, And then there were none भी पढ़ रहा हूँ। ऐसे यह पुस्तक करीब 2 वर्षो से मेरे पास थी, पर मुझे सफ़र करते हुए अपराध और हॉरर पुस्तक पढ़ने का अधिक चस्का है। इसलिए जब इतने वर्ष बाद जब गाँव जाने का और सफ़र करने का मौका मिला, तो इस पुस्तक को निकाल लिया।

    Ruskin bond साहब की लघु कथा संग्रह who kissed me in the dark भी पढ़ रहा हूँ।

    साथ ही इस माह केवल एक ही नॉन फिक्शन पढ़ रहा हूँ।

    यह पुस्तक संयुक्त पुस्तक है captivating history द्वारा। पहली पुस्तक इंग्लैंड और फ्रांस के बीच चले सौ वर्षीय युद्ध The Hundred years wars है, वही दूरी पुस्तक फ्रांस की नायिका कही जाने वाली Joan d arc पर आधारित है।

    हिंदी मे मेरे पास हरिशंकर परसाई जी का कहानी संग्रह वैष्णव जी की फिसलन है। जिसे शायद अगले माह पढ़ूँगा।

    साथ ही आपके द्वारा बताई पुस्तको मे से एक भी नही पढ़ी है मैने, सिवाय मानसरोवर भाग 1 आधी पढ़ ली थी, पर वह वर्षो पहले।
    मानसरोवर भाग 1 मे मेरी प्रिय कहानियों मे से एक है बड़े भाई साहब और गुल्ली डंडा।

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    1. वाह आप तो काफी कुछ पढ़ रहे हो। ऐतिहासिक गल्प (हिस्टोरिकल फिक्शन) पढ़ने की मेरी भी इच्छा है। मैंने conn iggulden की कुछ पढ़ी हैं। जल्द ही बाकि लेखकों की भी पढूँगा। माइथोलॉजी में मेरे पास नॉर्स माइथोलॉजी के ऊपर एक किताब है। पढनी है लेकिन कब पढ़ पाता हूँ ये देखना है। रस्किन बांड का पहला नावेल इस बार पढने की इच्छा है। देखिये वो भी कब तक होता है। ऐसे ही पढ़ते रहिये।

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