Wednesday, April 1, 2020

'8 डाउन' सहारनपुर पैसेंजर - सौरभ (कुमार ल)

कहानी संग्रह मार्च  15, 2020 से अप्रैल 1,2020 के बीच पढ़ा गया

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट: ई बुक
पृष्ठ संख्या: 98
ए एस आई एन:  B07H6QYSJS



'8 डाउन' सहारनपुर पैसेंजर - सौरभ (कुमार ल)

8 डाउन सहारनपुर पैसेंजर सौरभ कुमार ल का कहानी संग्रह है। इस संग्रह में उनकी निम्न 7 कहानियाँ मौजूद हैं:

1) आँख के बदले आँख (2/5)
पहला वाक्य:
सफेद रंग की टैक्सी सीढ़ी हॉस्पिटल के पोर्च में आ कर रुकी। 

अदिति हॉस्पिटल पहुँच चुकी है। कोई है जिसे वो इधर देखना चाहती है, जिससे वह मिलना चाहती है। उसका एक मकसद है जिसे वो पूरा करना चाहती है।

अदिति अस्पताल में क्यों आई है? 
उसका मकसद क्या है? 
क्या वो अपने मकसद में कामयाब हो पाई?

आँख के बदले आँख जैसे की शीर्षक से ही जाहिर होता है एक बदले की कहानी है। कहानी का सेटअप मुझे पसंद आया। अदिति जो कर रही है वो क्यों कर रही है यह जानने की इच्छा बनी रहती है। कहानी में कुछ घुमाव भी है। अंत में कहानी थोड़ी कमजोर पड़ जाती है। कहानी को एक तगड़ा घुमाव देने के चक्कर में यह हुआ है।

2) ब्रेड, अंडे और मेरा प्लान (2.5/5)
पहला वाक्य:
 बड़ी ही अँधेरी और तूफानी रात थी। 

वह एक बड़ी कंपनी में एक सीनियर मैनेजर था। उसने अपने जिंदगी के लिए एक योजना बनाई हुई थी। इसी योजना के अनुरूप वह कार्य कर रहा था।

उसका हर कदम प्लान को पूरा करने के लिए ही उठा रहा था। लेकिन फिर एक दिन जिंदगी में उसे अनुभव करवाया कि प्लान जिंदगी पर लागू नहीं होते हैं।

आखिर उसके साथ ऐसा क्या हुआ? इस घटना का उसके जीवन पर क्या असर पड़ा?

Tuesday, March 31, 2020

फ्रेंडी 5

कॉमिक मार्च 2020 में पढ़ा गया

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट: पेपरबैक
पृष्ठ संख्या: 31
प्रकाशक: राज कॉमिक्स
लेखक: हनीफ अजहर, सम्पादक: मनीष गुप्ता, चित्रांकन: नरेश कुमार, जसवंत सिंह कार
श्रृंखला : फ्रेंडी 5

फ्रेंडी 5
फ्रेंडी 5


अब फ्रेंडी और विशु के बीच कोई नहीं बचा था। फ्रेंडी ने विशु के हर चाहने वाले को ठिकाने लगा दिया था।  फ्रेंडी के शरीर में मौजूद जग्गा की आत्मा को पूरा यकीन था कि उसे  वो शरीर मिलने ही वाला था जो उसे अमरत्व प्रदान करेगा।

वहीं दूसरी तरफ विशु बेहद डरा हुआ था। वह बाल सुधार ग्रह में कैद था और उसे यही डर सता रहा था कि कहीं फ्रेंडी उधर पहुँचकर अपने इरादों में कामयाब न हो जाए? वह जानता था के फ्रेंडी के लिए वह एक ऐसे मिठाई के सामान था जिसे उसे हाथ बढ़ाकर ले लेना था।

क्या सचमुच जग्गा की आत्मा विशु के शरीर को हथिया लेगी? 
क्या विशु उस फ्रेंडी से जूझ पायेगा जिसने इतने वयस्कों को मौत के घाट उतार दिया था?
क्या होगा इस आखिरी टकराव का नतीजा?

इन सभी प्रश्नों के उत्तर आपको फ्रेंडी श्रृंखला के इस आखिरी कॉमिक में पढ़ने को मिलेंगे।

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