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Wednesday, April 21, 2021

आज का उद्धरण

विष्णु नागर | बच्चे की दुनिया का उजाड़

जीवन में कई छोटी-बड़ी और प्यारी गलतियाँ की हैं। गलतियों के बगैर किसी का गुजारा भी नहीं। कुछ गलतियाँ सबक सिखाने लायक होती हैं, कुछ आप बार-बार करते हैं और तब अगली किसी बार नहीं करते। कुछ प्यारी गलतियाँ होती हैं। 

- विष्णु नागर, बच्चे की दुनिया का उजाड़(नया ज्ञानोदय फरवरी 2020 में प्रकाशित संस्मरण से)


Monday, April 19, 2021

Paper Cuts -D C James

Edition Details:
Format: E-book | ASIN: B00O3X2OV8 
Book Link: Kindle (Free to read for Kindle Unlimited Subscribers)

Book Review: Paper Cuts by D C James

Story:
James is an author who has not been able to write for the past three years. He is willing to do anything to get over his writer's block. His book is stuck and so on advice of his publisher he has decided to go to a secluded cabin.

Sunday, April 18, 2021

किताब परिचय: द ट्रेल - अजिंक्य शर्मा

किताब परिचय: द ट्रेल - अजिंक्य शर्मा


किताब परिचय:
'द ट्रेल' एक प्रयोगात्मक मर्डर मिस्ट्री है, जिसमें असामान्य परिस्थितियों में हुआ एक कत्ल उस घटना से जुड़े कई लोगों के जीवन में तूफान ले आता है। उपन्यास का शीर्षक अपने आप में बहुत महत्त्वपूर्ण है, जो एक तरह से नहीं, बल्कि कई तरह से फिट बैठता है और ऐसा क्यों है, ये तो आप उपन्यास पढ़कर ही जान पाएंगें।

उपन्यास में एक पहेली है। मृतक द्वारा छोड़ा गया संदेश, 'यूनाइटेड वी राइज', जिसने पुलिस का भी दिमाग घुमाकर रख दिया कि आखिर मकतूल ने अपने कातिल का नाम लिखने की जगह 'यूनाइटेड वी राइज' क्यों लिखा?

क्या वो कोई सन्देश देना चाहता था?
या 'यूनाइटेड वी राइज' में ही कातिल को बेनकाब करने का हिंट छिपा था?

"अपराधी चाहे कितना ही शातिर क्यों न हो, सबूतों की एक ट्रेल जरूर छोड़ जाता है।"- रंजीत विश्वास का ऐसा मानना था।

लेकिन तब क्या हुआ, जब खुद उसका कत्ल हो गया?
क्या उसके कातिल ने भी वो ट्रेल छोड़ी थी? और अगर छोड़ी थी तो क्या पुलिस उस ट्रेल का पीछा करते हुए कातिल तक पहुँच सकी?

किताब लिंक: किंडल (किंडल अनलिमिटेड सब्सक्राईबर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के इसे पढ़ सकते हैं)

Saturday, April 17, 2021

हिन्द पॉकेट बुक्स द्वारा अप्रैल 2021 में प्रकाशित सुरेन्द्र मोहन पाठक के उपन्यास

सुरेन्द्र मोहन पाठक हिन्दी अपराध साहित्य के अज के समय के सर्वोच्च लेखकों में से एक हैं। उनके उपन्यासों का उनके पाठकों को बेसब्री से इन्तजार रहता है। 

अप्रैल माह में  पेंगुइन के हिन्द पॉकेट बुक्स द्वारा सुरेन्द्र मोहन पाठक का एक नवीन उपन्यास और पाँच पुराने उपन्यास पुनः मुद्रित किये गये हैं। आपको बताते चलें कि लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक के कई पुराने उपन्यास आउट ऑफ़ प्रिंट चल रहे थे जिसके कारण कई पाठक इनके पुराने संस्करणों को ऊँचे दामों में खरीदने पर मजबूर थे। अब हिन्द द्वारा इन उपन्यासों को नई साज सज्जा के साथ उपलब्ध करवाने के बाद काफी पाठकों को यह उपन्यास सहज और उचित दाम में मिल सकेंगे। 

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