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Friday, March 5, 2021

किताब परिचय: ओये! मास्टर के लौंडे....

किताब परिचय: ओये!  मास्टर के लौंडे.....

किताब परिचय:
‘ओय! मास्टर के लौंडे’ दो देसी बच्चों की देसी शरारतें समेटे एक हल्की-फुल्की हास्य कहानी है जो आपको ले जाएगी 1980वें दशक को पार कर रहे एक छोटे से शहर मुज़फ्फ़रनगर में जहाँ डी.ए.वी. कॉलेज के स्टाफ क्वाटर्स में 12 साल का लड़का दीपेश रहता था और उससे थोड़ा दूर उसका क्लासमेट हरदीप। दोनों पक्के दोस्त थे। साथ स्कूल जाते, साथ पढ़ते और शरारतें भी साथ करते। मगर दोनों में एक फ़र्क था। दीपेश मास्टर का बेटा था और हरदीप चाय वाले का...।

आज का उद्धरण

विष्णु नागर | हिन्दी कोट्स | life quotes

कुछ ही देर अपने बचपन में रहा जा सकता है। लौटकर फिर वहीं आना होता है, जहाँ आज आप हैं और आना भी चाहिए वहीं क्योंकि अभी तक का अपना जीवन आपने-मैंने बच्चे रहकर नहीं जिया, हाँ अपना कुछ बचपन बचाकर अवश्य जिया। आज आप-हम जो कुछ हैं, उसमें बचपन से लेकर आज तक का एक लम्बा सफर है और वह सफर करते हुए आज जहाँ हम पहुँचे हैं, वहीं से सब कुछ देखने की कोशिश कर सकते हैं - कुछ धुँधला, कुछ साफ, कुछ साफ लगता सा मगर असल में वह भी धुँधला है। कुछ तो महज स्वप्न है मगर लगता है, ऐसा तब हकीकत में हुआ था। 

- विष्णु नागर, बच्चे की दुनिया का उजाड़(नया ज्ञानोदय फरवरी 2020 में प्रकाशित संस्मरण से)


Thursday, March 4, 2021

आज का उद्धरण

Amor Towles | Life Quotes |

What matters in life is not whether we receive a round of applause; what matters is whether we have the courage to venture forth despite the uncertainity of acclaim.

Amor Towles, A gentleman in Moscow 

Book Link: Paperback | Kindle

Wednesday, March 3, 2021

आज का उद्धरण

Quote of the day | Vex King | Good Vibes, Good Life


Not everything i have wanted has manifested.This has usually been a blessing in disguise. Too many times i've believed that i wanted and needed something, but it was all for the wrong reasons.Over the years i have gained clarityand sighed with relief for not getting what i thought was surely meant for me. Often i have not got what i wanted only to find later that i've been blessed with even more.

- Vex King ,Good Vibes Good life

Book Link: Paperback | Kindle


Tuesday, March 2, 2021

छलावा - संतोष पाठक

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट: ई बुक | पृष्ठ संख्या: 426 | प्रकाशन:थ्रिल वर्ल्ड | श्रृंखला: विराट राणा #1 
किताब लिंक: पेपरबैक किंडल 

आज का उद्धरण

Quote of the day | George Harrison

It's being here now that's important. There's no past and there's no future. Time is a very misleading thing. All there is ever, is the now. We can gain experience from the past, but we can't relive it; and we can hope for the future, but we don't know if there is one.

-George Harrison

Monday, March 1, 2021

आज का उद्धरण

Lucius Annaeus Seneca, On the Shortness of Life

It is not that we have so little time but that we lose so much. ... The life we receive is not short but we make it so; we are not ill provided but use what we have wastefully.

― Lucius Annaeus Seneca, On the Shortness of Life

Sunday, February 28, 2021

आज का उद्धरण

Darren Shan | Vampire Mountain | Quotes

Students never appreciate their teachers while they are learning. It is only later, when they know more of the world, that they understand how indebted they are to those who instructed them. Good teachers expect no praise or love from the young. They wait for it, and in time, it comes.

Darren Shan, Vampire Mountain

Book Links: Paperback | Kindle

Saturday, February 27, 2021

पुष्पक - विशी सिन्हा

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट:
ई बुक | पेज काउंट: 34 | एएसआईएन: B08RWC8NRQ
किताब लिंक: किंडल

आज का उद्धरण

मृदुला गर्ग | उसके हिस्से की धूप | हिन्दी कोट्स

अपनी आदत के अनुसार, मनीषा जब उससे आगे निकल गई तब जाकर ख्याल आया कि मंजिल तो पीछे ही रह गई। कहीं जाने के लिए निकलने पर उसके साथ यही होता है। जब तक राह परिचित लगती है, यह बिना उसकी ओर देखे अंतः प्रज्ञा द्वारा आगे बढ़ती जाती है। फिर, जब आसपास की अपरिचितता बरबस उसक ध्यान अपनी ओर खींच लेती है वह चौंककर रुक जाती है और कदम लौटा देती है। सड़कों के साथ यह करना जितना आसान है, ज़िन्दगी के साथ उतना ही कठिन। आदमी जब तक लौटे-लौटे मंजिल बदल जाती है।

- मृदुला गर्ग, उसके हिस्से की धूप

किताब लिंक: पेपरबैक | हार्डबैक

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