आज का उद्धरण


बंदूक ने पूछा-'तो गुरु तेहरान में क्या देखा?'

'जो हेरात और काबुल में देखा।'

'क्या?'

'यह कि मजहब के नाम पर किस तरह इनसान उल्लू बन जाते हैं।'

'हाँ बन तो गए ही हैं।'

'अभी और बनेंगे। इसलिए कि जब धर्म व्यक्तिगत चीज न होकर समूह के जुनून का बहाना बन जाता है तो कुछ भी अच्छा होने की उम्मीद नहीं रहती।'

- 'जनप्रिय लेखक' ओम प्रकाश शर्मा, रहस्य

किताब के विषय में मेरी विस्तृत राय आप निम्न लिंक  जाकर पढ़ सकते हैं:
रहस्य

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