सीक्रेट सेवेन - एनिड ब्लाइटन

उपन्यास 13 जुलाई को पढ़ा गया

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट: पेपरबैक | पृष्ठ संख्या: 119 | प्रकाशक: मंजुल पब्लिशिंग हाउस | अनुवादक: डॉ सुधीर दीक्षित, रजनी दीक्षित | श्रृंखला: सीक्रेट 7 #1


सीक्रेट सेवेन - एनिड ब्लाइटन
सीक्रेट सेवेन - एनिड ब्लाइटन


पहला वाक्य:
पीटर ने जेनेट से कहा, 'अच्छा होगा कि हम सीक्रेट सेवेन सोसाइटी की मीटिंग जल्दी ही कर लें।...'

कहानी
काफी रात हो गयी थी और जैक नदी के पास वाले पुराने मकान के सामने वाले मैदान में अपने बैज को ढूंढ रहा था। बहुत दिनों बाद सीक्रेट सेवेन के सदस्य मिले थे और उन्होंने वह शाम इधर ही बर्फ के पुतले बनाते हुए गुजारी थी। यहीं उसका बैज भी खो गया था। जब जैक को घर लौटकर बैज की याद आई तो परिस्थितियाँ ऐसी बन चुकी थी कि वो चोरी छुपे रात को ही बैज ढूँढने आ सकता था।

जैक बैज ढूंढ ही रहा था कि एक गाड़ी ने जैक का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। यह आम गाड़ी नहीं थी। इस कार के पीछे एक बग्घी जैसा कुछ बंधा हुआ था। और यह गाड़ी उस पुराने मकान के सामने रुकी थी।

पुराने मकान में तो उस बूढ़े चौकीदार के अलावा और कोई नहीं रहता था तो ये गाड़ी इतनी रात गये उधर क्या कर रही थी? आखिर कौन थे ये लोग?

जैक ये सोच ही रहा था कि दो लोग उस गाड़ी से उतरे और उन्होंने बग्घी से किसी तीसरी चीज को उतारा। फिर कुछ तेज आवाजें हुई और ये लोग अँधेरे में गुम हो गये।

ये लोग खतरनाक लग रहे थे और इनके इरादे ठीक नहीं थे। जैक को मालूम था कि वह अकेला इनका कुछ नहीं कर सकता लेकिन यह एक ऐसी घटना थी जो सीक्रेट सोसाइटी के काम आ सकती थी। आखिर उसी दिन की मीटिंग में उन्होंने ऐसे ही किसी रहस्य का पर्दा उठाने का निर्णय जो लिया था

आखिर कौन थे वो दो संदिग्ध लोग? उन्होंने बग्घी से किसे उतारा था? वो लोग उस वीरान मकान में क्या कर रहे थे?
क्या सीक्रेट सेवेन के सदस्य इस रहस्य का पर्दा उठा पाये? इसके लिए उन्हें किन मुसीबतों से होकर गुजरना पड़ा?

मुख्य किरदार:
पीटर,जेनेट,जैक, कॉलिन, पैम, बारबरा,जॉर्ज - सीक्रेट सेवेन सोसाइटी के सदस्य
स्केम्पर - पीटर और जेनेट का पालतू कुत्ता
सूजी - जैक की बहन
मिस एली - सूजी की आया
डैन - पुराने मकान का चौकीदार

मेरे विचार:
सीक्रेट सेवेन इस श्रृंखला का पहला उपन्यास है। एनिड ब्लाइटन के उपन्यास कितने रोचक रहते हैं ये किसी को भी बताने की जरूरत नहीं है। मुझे बचपन में इन्हें पढ़ने का मौक़ा नहीं मिला था लेकिन मैं अब इन्हें पढ़ लेता हूँ और इनका लुत्फ़ भी उठाता हूँ।

मंजुल प्रकाशन के लिए इन्हें सुधीर दीक्षित और रजनी दीक्षित जी ने अनूदित किया है। उनका अनुवाद शानदार है।उपन्यासों की कीमत भी वाजिब है। मैंने इससे पहले भी इस श्रृंखला के दूसरे उपन्यास पढ़े थे और तब सोच लिया था कि इस श्रृंखला के सारे उपन्यास पढूँगा। जो हिन्दी में मिलेंगे उन्हें हिन्दी में पढूँगा और जो अंग्रेजी में मिलेंगे उन्हें अंग्रेजी में पढूँगा। इस कारण इसे भी मँगवाया था।

यह उपन्यास भी रोचक है। सीक्रेट सेवन के सदस्यों ने क्रिसमस की छुट्टियों में कुछ काम किया था और उसके बाद वो अब ही मिल रहे हैं।  सभी के बीच का समीकरण रोचक है जिसे पढ़ने में मज़ा आता है। हाँ, पीटर कभी कभी दादागिरी करता लगता है लेकिन बचपन में ऐसा बड़ा भाई किसका नहीं होता है। मैंने भी इसका अनुभव किया है और आप लोगों ने भी किया होगा। कभी कभी उनकी दादागिरी से गुस्सा तो आता था लेकिन ये भी पता रहता था कि उनके साथ ही ज्यादा मज़ा आएगा। जेनेट और बाकी लोग भी इसलिए ही शायद पीटर के साथ रहते हैं।

यह एक रहस्य कथा है जिसमें रहस्य अंत तक बरकरार रहता है। सीक्रेट सेवेन किस तरह आपस में काम बांटते हैं और किस तरह रहस्य को परत दर परत सुलझाते हैं ये पढने के लिए पाठक उपन्यास अंत तक पढ़ता चला जायेगा।

इस श्रृंखला की खासियत मुझे ये लगती है कि इसमें सात किरदार होते हुए भी किसी को नजरंदाज नहीं किया जाता है। सभी का कुछ न कुछ सहयोग रहस्य सुलझाने में होता है। इतने सारे किरदारों में सामंजस्य बैठाना काफी मुश्किल काम है लेकिन लेखिका इसे बड़ी खूबसूरती यह सामंजस्य बैठा देती हैं।

मुझे उपन्यास काफी पसंद आया और इसने मेरा भरपूर मनोरंजन किया। अगर आपने इसे नहीं पढ़ा है तो एक बार जरूर पढिये और बच्चों को भी पढ़ने को दीजिये।

रेटिंग: 5/5

अगर आपने इस उपन्यास को पढ़ा है तो आपको यह कैसा लगा?

अगर आपने इस उपन्यास को नहीं पढ़ा है तो आप निम्न लिंक से जाकर इसे खरीद सकते हैं:
सीक्रेट सेवेन

एनिड ब्लाइटन जी के दूसरे उपन्यास भी मैंने पढ़े हैं। उनके विषय में मेरी राय आप निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
एनिड ब्लाइटन


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2 Comments
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  1. कुछ महीनो पहले पढ़ा था। वाकई बढ़िया बाल उपन्यास है। कहानी सीधी सरल है पर रहस्य से पूर्ण जो अंत तक बना रहता है। मैं भी बचपन में नही पढ़ पाया यह तो अब पढ़ रहा हूँ। अनुवाद बहुत बढ़िया हुआ है। आपकी समीक्षा भी बढ़िया है। ऐसे ही समीक्षा करते रहे।

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