2018 Reads

पिछले  वर्ष मैंने सोचा था कि साल भर में 120 किताबें पढूँगा। इस बार भी 120 किताबें पढने का लक्ष्य है। जो किताबें पढूँगा उसकी सूची इधर डाल दिया करूँगा। देखते हैं इस बार इस लक्ष्य को हासिल कर पाता हूँ या नहीं। आप इस वर्ष कितनी किताबें पढ़ना चाहते हैं कमेंट में जरूर बताईयेगा।

(Last year i had decided that i'll read at least 120 books throughout the year. But sadly i couldn't achieve it. This year also i have set my eyes on 120 books. Let's see how will i fare in this. How many books do you want to read this year? Do tell me your goals in the comments.)

जनवरी/January

  1. Paro by Namita Gokhale(2.5/5)
  2. देवों की घाटी - भोलाभाई पटेल(3.5/5)
  3. षड्यंत्र (3.5/5)
  4. ख़ौफ़नाक रौशनी - एस सी बेदी(2.5/5)
  5. The Cocktail Waitress by James M Cain(3/5)
  6. पिंटू (3/5)
  7. सात तालों में बन्द मौत - अमित खान(2/5) 
  8. Lady Here's Your Wreath - James Hadley Chase(4/5)
  9. Doctor Who and the Ark in Space by Ian Marter(3.5/5)
  10. Before You Wake: Three Horrors by Adam L. G Nevill(3/5)
  11. चलो कब्र की ओर (3.5/5)
  12. बीवी का हत्यारा - सुरेन्द्र मोहन पाठक(3.5/5)
मार्च (March)
  1. रहस्यमय झील - एस सी बेदी (3.5/5)
  2. मुरझाये वृक्ष - प्रेम प्रधान (3/5)
  3. अगिया बेताल - परशुराम शर्मा(3.5/5)
  4. Sliced and Diced by Joan De La Haye(3.5/5)
  5. It rained that Night by Tarang Sinha(2/5)
  6. क़त्ल की साजिश - एस सी बेदी (3/5)
  7. सार्जेंट भूतनाथ (2.5/5)
  8. ये सिर किसका है (2/5)
  9. सूरज का सातवाँ घोड़ा - धर्मवीर भारती(5/5)
  10. दंश - लक्ष्मण राव (3/5)

अप्रैल (April)

  1. शीश महल का अंत  - कनिष्क कुमार साहू (2/5)
  2. विश्वास की हत्या - सुरेन्द्र मोहन पाठक (4/5)
  3. कुम्भ के मेले में मंगलवासी - अरविन्द मिश्र (3.5/5)
  4. कवि बौड़म डकैतों के चंगुल में - अरविन्द कुमार साहू(2/5)
  5. खूबसूरत जासूस - एस सी बेदी (3/5)
  6. अपवित्र आख्यान - अब्दुल बिसिमल्लाह(5/5)
  7. वेयर इस द वेयरवुल्फ - नितिन मिश्रा(4/5)
  8. Hard Fall by P T Reade(3.5/5)
  9. ललिता - रानी सुरेश कुकशाल(3.5/5)
  10. Nagin by Mayur Didolkar(5/5)
नवम्बर (November)
  1. रोशनी का प्रेत - एस सी बेदी(2.5/5)
  2. कुआँ - ब्रजेश कुमार(1.5/5)
  3. कोरे कागज़ का कत्ल - परशुराम शर्मा(3.5/5)
  4. The Missing Girl - Shirley Jackson(3/5)
  5. रुकोगी नहीं राधिका - उषा प्रियम्वदा (5/5)
  6. Shock Treatment - James Hadley Chase(3/5)
  7. रंग महल के प्रेत - राजभारती(3/5)
  8. दुष्कर - महाश्वेता देवी (4/5)
  9. द ज़िन्दगी - अंकुर मिश्रा(3.5/5)
दिसम्बर (December)


14 comments:

  1. मैं इस वर्ष 50 से ज्यादा उपन्यास और 1000 से ज्यादाकहानियाँ पढ़ना चाहता हूँ।कोशिस करूँगा टारगेट पूरा करने की।

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  2. यकीन है कर लोगे आसानी से.... दिन के केवल ५० पृष्ठ भी पढोगे तो आसानी से हो जायेंगे.. मैं अक्सर कहानी संग्रह और उपन्यास एक साथ पढता हूँ... रोज सुबह एक कहानी और फिर पूरे दिन में उपन्यास के 30-50 पृष्ठ...आसानी से टारगेट निपट जाता है..

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  3. बिलकुल सही।50 नॉवेल का टारगेट आसान ही है देखा जाय तो।हाँ रीडिंग काउंट बढ़ाने के लिए कुछ छोटे उपन्यास भी पढ़ने होंगे ताकि बैलेंस्ड रहे।

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  4. I want to complete 24 novel. And I also have to prepare my exam.

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  5. वाह पूरे साल का टाइम टेबल हर महीने हिसाब से फिक्स, मानना पड़ेगा, मैं तो लगभग एक दो सिटींग में ही खत्म करने की कोशिश करता हूँ पर यह हिंदी नॉवेल्स में ही हो पाता इंग्लिश नावेल खासे बड़े होते है एक नावेल एक हफ्ता ले लेता है, सिर्फ हिगाशिनो का जर्नी अंडर थे मिडनाइट सन और साल्वेशन ऑफ़ ए सेंट दो दो दिनों में खत्म किया नकाबिले बर्दाश्त सस्पेंस के की वजह से साल्वेशन वाला और जर्नी वाला तो तेज़रफ़्तार थ्रिलर था।

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    1. नहीं फिक्स नहीं है। जो पढता हूँ उसे उस महीने में जोड़ देता हूँ। जिनका लिंक है उनके विषय में लिखा है। जिनके लिंक नहीं है उनके विषय में लिखना बाकी है।

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  6. Koi lkshy nhi dipend krta hai kitni books milti hai jitni milegi nipta dunga kuch dobara bhi pad skta hun

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    1. जी, सही है।मैंने काफी किताबें ख़रीद ली हैं। अगर मैं हर साल 100 के करीब भी पढ़ता हूँ तो उन्हें खत्म करने के लिए 10 साल लगेंगे। इसलिए लक्ष्य रखना ठीक लगता है।

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  7. किताबें पढ़ने का शौक तो है पर समय की कमी की वजह और अन्य प्राथमिकताएं होने की वजह से किताबें ज्यादा नही पढ़ पाता हूं। इसलिए अब ईबुक की तरफ मुंह मोड़ा है जिससे पढ़ने की रफ्तार तेज हो गयी है।

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    1. जी,मैं भी कोशिश करता हूँ कि रोज के बीस से चालीस पृष्ठ पढूँ। ऐसे में एक हफ्ते में दो तीन उपन्यास पढ़ लेता हूँ क्योंकि सप्ताहंत में सौ पृष्ठ तक हो जाते हैं। आपने सही कहा ई-बुक तेजी से पढ़ी जाती है क्योंकि हमेशा साथ रहती है।

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    2. Meri toh ye aadat hai ek baar novel leke beth gya toh fir sabkuch bhul ke usme ee ghus jata hu. Bahr niklta hu tb khatm kr ke ee niklta hu jyadatar.😀😀

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    3. @budha budha जी मुझे तो इतना वक्त नहीं मिल पाता है। इसलिए जो वक्त मिलता है वो चुराकर पढ़ता रहता हूँ। एक साथ पढने के चक्कर में काफी कम ही हो जाता है पढ़ना जबकि ऐसा थोड़ा थोड़ा पढने के कारण काफी पढ़ा जाता है।

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