साहित्य विमर्श प्रकाशन की नई पुस्तकें हैं प्रीऑर्डर के लिए तैयार

 

साहित्य विमर्श प्रकाशन की नई पुस्तकें हैं प्रीऑर्डर के लिए तैयार

साहित्य विमर्श प्रकाशन (Sahitya Vimarsh Prkashan) द्वारा अपनी नवीन पुस्तकों का प्री ऑर्डर शुरू कर दिया गया है। इस बार साहित्य विमर्श प्रकाशन अपने पाठकों के लिए तीन पुस्तकें लेकर आ रहे हैं। इन पुस्तकों में से दो पुस्तक अपराध साहित्य की हैं और एक पुस्तक रोमांस श्रेणी की है। प्रकाशन द्वारा यह सभी पुस्तकें आकर्षक दरों और मुफ़्त डिलिवरी के साथ प्री ऑर्डर कर सकते हैं। 

तो चलिए ज्यादा देर न करते हुए बताते हैं कि इस नवीन सेट में साहित्य विमर्श प्रकाशन (Sahitya Vimarsh Prkashan) पाठकों के लिए कौन-कौन सी पुस्तकें लेकर आ रहा है:


जादूगरनी 

साहित्य विमर्श प्रकाशन की नई पुस्तकें हैं प्रीऑर्डर के लिए तैयार

जादूगरनी लेखक सुरेन्द्र मोहन पाठक (Surender Mohan Pathak) की सुनील सीरीज (Sunil Series)  का उपन्यास है। यह उपन्यास 1983 में प्रथम बार प्रकाशित हुआ था और अब साहित्य विमर्श प्रकाशन (Sahitya Vimarsh Prkashan) द्वारा पुनः मुद्रित किया जा रहा है। 

किताब परिचय

वो कुछ भी कर सकती थी। वो किसी को तोता बनाकर पिंजरे में बंद कर सकती थी, मक्खी बनाकर दीवार से चिपका सकती थी ।वो जादूगरनी थी। 

अनुपम सौन्दर्य की मालकिन अनुपमा। जब इस अनुपम सौन्दर्य की जुगलबंदी उसके खतरनाक दिमाग से हुई तो जैसे कहर बरपा हो गया। क्या कोई उसके जादू से बच पाया?

एक अविस्मरणीय किरदार की अविस्मरणीय कहानी। सुनील सीरीज (Sunil Series) का एक सनसनीखेज उपन्यास।

1983 में प्रथम बार प्रकाशित यह उपन्यास अब नवीन साज सज्जा के साथ साहित्य विमर्श द्वारा पुनः मुद्रित किया जा रहा है। 


पुस्तक विवरण:

लेखक: सुरेन्द्र मोहन पाठक | पृष्ठ संख्या: 288  | मूल्य: 199/-  | ऑफर मूल्य: 175 /- | डिलिवरी चार्ज: 0/- | पुस्तक लिंक: साहित्य विमर्श


उलझन बुलझन प्यार 

साहित्य विमर्श प्रकाशन की नई पुस्तकें हैं प्रीऑर्डर के लिए तैयार

किताब परिचय

रिश्तों में इतनी सामर्थ्य नहीं होती कि वे प्रेम की परिभाषा गढ़ सकें, जबकि प्रेम कुछ भी गढ़ सकता है। अंकुरण, प्रेम का स्वभाव है जो परिस्थितियों के अनुकूल होते ही उग आता है, परंतु ये उसकी तक़दीर है कि वह दीवारों पर उगे पौधों की तरह सूख जायेगा या फिर किसी मैदान में बढ़कर विशाल वृक्ष की तरह फूलेगा फलेगा। परिणाम की चिंता से दूर प्रेम धारा के विपरीत किसी अपवाद की तरह मिल ही जाता है। उलझन बुलझन प्यार की कहानी ऐसे ही किसी अपवाद की कहानी है, साथ ही प्रेम की कोमलता और रिश्तों के कठोर यथार्थ का तार्किक विश्लेषण भी करती है।

पुस्तक विवरण:

लेखक: भुवनेश्वर उपाध्याय  | पृष्ठ संख्या: 170 | मूल्य: 199/-  | ऑफर मूल्य: 165/- डिलिवरी चार्ज: 0/- | पुस्तक लिंक: साहित्य विमर्श



अँधेरों का संगतराश

साहित्य विमर्श प्रकाशन की नई पुस्तकें हैं प्रीऑर्डर के लिए तैयार

किताब परिचय:

पुराने जागीरदार का वारिस, अमेरिका में पला बढ़ा, शिक्षा, शौक व जुनून से बेजोड़ संगतराश, सुन्दरता प्रसिद्धि व दक्षता में उसी के समान उसकी संगतराश पत्नी और सामाजिक व राजनीतिक रूप से अत्यन्त शक्तिशाली उनका राजनेता मित्र अपने इर्दगिर्द हो रहे हादसों के कारण पुलिस के शक़ के घेरे मे हैं। एक ओर अपने सामाजिक जीवन से सामंजस्य बैठाने की प्रक्रिया में अपनी असाधारण शक्तियों जूझते ये तीनों हैं तो दूसरी ओर है इनकी प्रसिद्धि, सामाजिक व राजनीतिक शक्तियों से खौफ़ खाती, सही और ग़लत के बीच के फ़र्क को धुँधलाने वाले अजीब हादसों से भ्रमित पुलिस।

कौन है अँधेरों का संगतराश? क्या है उसकी बनाई मूर्तियों की खासियत? रहस्य और रोमांच से भरपूर एक पैरा नॉर्मल थ्रिलर।

पुस्तक विवरण:

लेखक: संजय अग्निहोत्री | पृष्ठ संख्या: 220 | मूल्य: 249 /-  | ऑफर मूल्य: 179/- | डिलिवरी चार्ज: 0/- | पुस्तक लिंक: साहित्य विमर्श 


तो यह थी साहित्य विमर्श प्रकाशन (Sahitya Vimarsh Prkashan) की नई पेशकश। पुस्तकें प्रकाशक द्वारा संभवतः 25 मई 2022 से डिसपैच करनी शुरू कर दी जाएँगी।  


आप इनमें से कौन सी मँगवाने वाले हैं?



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