क्रिकेट के मैदान के बाद... अब युद्ध के मैदान में भी लोगों को चित करते नजर आयेंगे एम एस धोनी


स्रोत: अर्थव के मोशन पोस्टर से

क्रिकेट के मैदान में अपने जलवे दिखाने के बाद अब एम एस धोनी एक नए रूप में अपने प्रशंसकों को नजर आने वाले हैं। वह अब एक हीरो के रूप में युद्ध करते नजर आएंगे। जी हाँ, हाल ही में एम एस धोनी ने अपने फेसबुक पेज पर एक मोशन पोस्टर रिलीज किया गया है जिसमें वह अथर्व के रूप में दुश्मनों से लोहा लेते दिखाई दे रहे हैं। यह मोशन पोस्टर किसी फिल्म का नहीं बल्कि एक ग्राफिक नॉवेल का है जिसे 'न्यू एज ग्राफिक नॉवेल' कहा जा रहा है और इस ग्राफिक नॉवेल के हीरो 'अथर्व' को एम एस धोनी की शक्ल सूरत दी गई है। 

टीजर में एक मध्यकालीन युग दिख रहा है जहाँ कुछ योद्धा आपस में लड़ते दिखाई दे रहे हैं। वहीं एक किरदार अथर्व इस युद्ध में शामिल हो इस युद्ध को जीतता हुआ दिखता है। अथर्व के चेहरे मोहरे को अथर्व पर आधारित किया गया है। 

दुश्मनों को पछाड़ता हुआ अथर्व, स्रोत: मोशन पोस्टर

ग्राफिक नॉवल का एक और सीन, स्रोत: मोशन पोस्टर


ज्ञात हो यह ग्राफिक नॉवेल विरजू स्टूडियोज से रिलीज की जा रही है। ग्राफिक नॉवेल की कहानी को रमेश थमिलमनी  द्वारा लिखा गया है और इसमें आर्टवर्क विरजु स्टुडियोस द्वारा बनाया गया है। यह पोस्टर अथर्व: द ऑरिजिन का है और इसके बाद इस शृंखला के दूसरे ग्राफिक नॉवेल आने की भी उम्मीद है।


माही के प्रशंसकों के लिए अपने हीरो को एक योद्धा के रूप में देखना एक रोचक अनुभव होने वाला है। देखना है कि माही का यह नया रूप उनके प्रशंसकों को कितना पसंद आता है। दैनिक भास्कर में प्रकाशित खबर के अनुसार इस ग्राफिक नॉवेल की पहली घोषणा 2020 में हुई थी। इसी खबर के अनुसार साक्षी धोनी ने नॉवेल के विषय में कहा था "यह बुक एक माइथोलॉजिकल साइंस फिक्शन है, जो एक रहस्यमयी अघोरी की जर्नी को बताती है। साथ ही इस सीरीज के माध्यम से समाज में चल रहे बड़े मिथक को तोड़ने की कोशिश भी की गई है।"

मोशन पोस्टर निम्न लिंक पर जाकर देखा जा सकता है:

अथर्व - द ऑरिजिन

बताते चलें यह कोई पहली बार नहीं है जब किसी प्रसिद्ध व्यक्तित्व को कॉमिक बुक हीरो का रूप दिया गया है। इससे पहले अमिताभ बच्चन को लेकर सुप्रीमो नाम की कॉमिक बुक शृंखला बनाई गयी थी जो लगभग दो साल तक चली थी। 


FTC Disclosure: इस पोस्ट में एफिलिएट लिंक्स मौजूद हैं। अगर आप इन लिंक्स के माध्यम से खरीददारी करते हैं तो एक बुक जर्नल को उसके एवज में छोटा सा कमीशन मिलता है। आपको इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। ये पैसा साइट के रखरखाव में काम आता है। This post may contain affiliate links. If you buy from these links Ek Book Journal receives a small percentage of your purchase as a commission. You are not charged extra for your purchase. This money is used in maintainence of the website.

Post a Comment

4 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
  1. वाह बहुत ख़ूब

    ReplyDelete

  2. जी नमस्ते ,
    आपकी इस प्रविष्टि् के लिंक की चर्चा कल शुक्रवार (०४ -०२ -२०२२ ) को
    'कह दो कि इन्द्रियों पर वश नहीं चलता'(चर्चा अंक -४३३१)
    पर भी होगी।
    आप भी सादर आमंत्रित है।
    सादर

    ReplyDelete
  3. बहुत बढ़िया जानकारी भरा आलेख ।

    ReplyDelete
    Replies
    1. जानकारी आपको पसंद आयी यह जानकर अच्छा लगा। आभार।

      Delete

Top Post Ad

Below Post Ad