वनमाली सृजन पीठ द्वारा दिये जाने वाले साहित्यिक सम्मानो की हुई घोषणा





विश्व हिंदी दिवस  के मौके पर (10 जनवरी ) पर वनमाली सृजन पीठ द्वारा वनमाली कथा सम्मानो की घोषणा की गई। इस बार वनमाली सृजन पीठ द्वारा आठ अलग अलग श्रेणियों में रचनाकारों को पुरस्कृत किया जाएगा। 

नई दुनिया में प्रकाशित खबर के अनुसार पहला वनमाली कथाशीर्ष सम्मान से सुप्रसिद्ध समालोचक प्रोफेसर धनंजय वर्मा (उज्जैन) को अलंकृत किया जाएगा। वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान से वरिष्ठ कथाकार गीतांजलि श्री (दिल्ली) को सम्मानित किया जाएगा। वनमाली कथा मध्यप्रदेश सम्मान वरिष्ठ कथाकार हरि भटनागर (भोपाल), वनमाली युवा कथा सम्मान युवा कथाकार चंदन पांडेय (बंगलौर), वनमाली कथा आलोचना सम्मान युवा आलोचक वैभव सिंह (दिल्ली), वनमाली साहित्यिक पत्रिका सम्मान दिल्ली से प्रकाशित चर्चित मासिक पत्रिका कथादेश को प्रदान किया जाएगा। पहला वनमाली प्रवासी भारतीय कथा सम्मान वरिष्ठ कथाकार दिव्या माथुर (लंदन) को प्रदान किया जाएगा तथा पहला वनमाली विज्ञान कथा सम्मान वरिष्ठ विज्ञान लेखक श्री देवेंद्र मेवाड़ी (दिल्ली) को मिलेगा। 

जहाँ वनमाली कथाशीर्ष सम्मान एवं वनमाली राष्ट्रीय कथा सम्मान से सम्मानित दोनों साहित्यकारों को शाल श्रीफल, प्रशस्ति पत्र व एक-एक लाख रुपये सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा वहीं वनमाली कथा मध्य प्रदेश सम्मान, वनमाली युवा कथा सम्मान, वनमाली कथा आलोचना सम्मान, वनमाली साहित्यिक पत्रिका सम्मान, वनमाली प्रवासी भारतीय कथा सम्मान, वनमाली विज्ञान कथा सम्मान से सम्मानित रचनाकारों को शाल, श्रीफल, प्रशस्ति पत्र एवं 51 हजार रुपये सम्मान राशि प्रदान कर अलंकृत किया जाएगा।

इन सभी रचनाकारों को वनमाली कथा सम्मान समारोह, जो कि विश्व रंग के अंतर्गत रबीन्द्रनाथ टैगोर विश्वविद्यालय के तत्वधान में वनमाली सृजन पीठ और आईसेकट पब्लिकेशन द्वारा आयोजित किया जाता है, में सम्मानित किया जाएगा। 

ज्ञात हो वनमाली कथासम्मान  स्वर्गीय जगन्नाथ प्रसाद चौबे वनमाली की स्मृति में वनमाली सृजन पीठ द्वारा दिये जाने वाले द्विवार्षिक पुरस्कार हैं। यह पुरस्कार समकालीन कथा परिदृश्य में जनतांत्रिक एवं मानवीय मूल्यों की तलाश में लगे कथा साहित्य की पुनप्रर्तिष्ठा करने एवं उसे सम्मान प्रदान करने के उद्देश्य से स्थापित किया गया है।
 



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2 Comments
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  1. वनमाली सृजन पीठ के विषय में जानकारी देता सुन्दर सार्थक आलेख।

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