आज का उद्धरण

Krishan Baldev Vaid Quotes


अपने काम में हम वैसी ईमानदारी और आज़ादी से अपनी नज़र और ज़बान और कल्पना का इस्तेमाल नहीं करते जैसे आला अदब के लिए जरूरी समझी जाती है। हमारी ज़बान कोई ज्यादती नहीं करती, हमारी कल्पना के पर कटे ही रहते हैं, हमारी नज़र सतह पर ही रुकी रहती है। हम ऐसा लिखना चाहते हैं जिसे पढ़ कर हमारा कोई पड़ोसी या मेहमान या रिश्तेदार या मास्टर यह न सोचे कि यह तो हरामी निकला। हम भलेमानुस बने रहना चाहते हैं।

- कृष्ण बलदेव वैद, शाम 'अ हर रंग में

किताब लिंक:  हार्डकवर

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2 Comments
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  1. बहुत सुन्दर।
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    राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई हो।

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    Replies
    1. जी आभार... राष्ट्रीय बालिका दिवस की बधाई...

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