Friday, September 16, 2016

Current Reads-September(अभी क्या पढ़ रहा हूँ ?)

आजकल चार किताब एक साथ पढ़ी जा रही हैं. कभी कुछ पढता हूँ तो कभी कुछ. हाँ, व्यक्तिगत तौर पर मेरे लिये सबको एक साथ juggle करना मुश्किल होता है. एक किताब में रूचि बढ़ने लगे तो बाकी सारी छूट जाती हैं. फिलहाल यही हो रखा है. इसके विषय में बाद में पहले मैं ये बता दूँ आजकल क्या पढ़ रहा हूँ.
)शाम'अ हर रंग में - कृष्ण बलदेव वेद 
ये कृष्ण बलदेव जी कि डायरी की दूसरा अंश है. पहला अंश 'ख्वाब है दीवाने का' नामक पुस्तक के रूप में प्रकाशित हो चुका है. मैंने पहला अंश नहीं पढ़ा है लेकिन अब इस किताब को पढने के बाद मैं 'ख्वाब है दीवाने का' को भी पढना चाहूँगा. मैंने अभी तक इसके 75 पृष्ठ ही पढ़े हैं. अभी तक अगर मैं कहूँ तो ज्यादातर कृष्ण जी अवसाद में ही घिरे नज़र आते हैं.लिखने की तीव्र इच्छा और फिर उस इच्छा का पूरा न होना उने अवसाद में डाल देता है. लेकिन फिर भी वो लिखना नहीं छोड़ते.शायद जब नहीं लिखते हैं तभी ये अवसाद उन्हें घेरता है.इसके इलावा कई दूसरे लेखकों के साथ के प्रसंग भी हैं जो कि रुचिकर हैं. विशेषतः मुलक राज आनंद वाला किस्सा.

२) what really happened - baanphool
बाणफूल बंगाली लेखक है और यह उनकी 100 लघुकथाओं का संग्रह है. इसके अभी 61 पृष्ठ ही पढ़े हैं. कहानियाँ काफी छोटी हैं. लगभग एक या दो पेज की और उनमे अंत में थोडा ट्विस्ट रहता है. पढने में मज़ा आता है और अक्सर मैं एक आध घंटे में दो तीन कहानियाँ पढ़ ही लेता हूँ. किताब का अनुवाद अनुरव सिन्हा जी ने किया है. पढ़ते हुए मैं ये सोच रहा था कि अगर ये कहानियाँ हिन्दी में भी अनुदूदित होती तो कितना अच्छा होता?


३) Everything Eventual - Stephen King
ये स्टेफेन किंग साहब की 14 कहानियों का संग्रह है. इसकी मैंने अभी पहली कहानी ही पढ़ी है. कहानी का नाम है autopsy room 4. कहानी एक ऐसे व्यक्ति की है जिसे डॉक्टर लोग मरा हुआ समझ लेते हैं लेकिन जिसे असल में पैरालिसिस हुआ रहता है. वो उसकी autopsy करने वाले होते हैं. आगे क्या होता है ये तो आप पढ़कर ही पता लगा सकते हैं. कहानी काफी डरावनी थी. मैं कई बार खुद को उस आदमी की जगह रख कर सोच रहा था तो रोंगटे खड़े हो जा रहे थे.

४) Gone Girl - Gilian Flynn
जिलियन फ्लिन की ये किताब बहुत प्रसिद्द हुई थी. अगर आप अंग्रेजी उपन्यास पढ़ते हैं तो आप शायद ही इसके नाम से वाकिफ नहीं हुए होंगे . मैं इसके 240 पृष्ठ पढ़ चुका हूँ जो कि लगभग आधी किताब है और ये कहूँगा किताब बेहद रोमांचक है. इसे प्रसिद्धि ऐसे ही नहीं मिली है.

तो आजकल ये किताब मैं पढ़ रहा हूँ. अभी गॉन गर्ल काफी रुचिकर है तो सारा ध्यान उस पर ही केन्द्रित है.इसे खत्म करने के बाद ही बाकियों पे ध्यान दे पाऊँगा. आप कैसे पढ़ते हैं एक बार में एक किताब या एक बार में कई किताबें? और एक बार में कई किताबें पढ़ते हैं तो उन्हें रोटेट कैसे करते हैं?
इसके इलावा सितम्बर में ये किताबें पढ़ चुका हूँ :
1) Skin Medicine by Tim Curran
2) कुएँ का राज़ - इब्ने सफी
3) ओस की बूँद - राही मासूम रज़ा
4) कलि-कथा: वाया बाइपास

आप लोग इस महीने क्या पढ़ चुके हैं? क्या पढ़ रहे हैं और क्या पढने वाले हैं?

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