गीतांजलि श्री को मिला वर्ष 2022 का इन्टरनेशनल बुकर प्राइज़; बनी अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार जीतने वाली प्रथम भारतीय रचनाकार

गीतांजलि श्री और डेजीरॉकवेल

 

मशहूर लेखिका गीतांजलि श्री के हिन्दी उपन्यास 'रेत समाधि' के अंग्रेजी अनुवाद टूम ऑफ स्टैन्ड (Tomb of Sand) को अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार 2022 (International Booker Prize 2022) प्रदान करने की घोषणा की जा चुकी है। यह घोषणा 27 मई 2022 को ब्रिटेन में हुए एक समारोह में की गई। इसी के साथ वह अंतरराष्ट्रीय बुकर प्राइज़ जीतने वाली पहली भारतीय रचनाकार बन चुकी हैं। 



बताते चलें 2018 में प्रकाशित गीतांजलि श्री का उपन्यास 'रेत समाधि' उनका पाँचवा उपन्यास जिसके केंद्र में एक अस्सी वर्षीय विधवा है जो अपने पति के गुजरने के बाद आए अवसाद से न केवल उभरती है बल्कि अपने इतिहास से जुड़े कई अनसुलझे पहलुओ का आमना-सामना कर अपने जीवन का पुनर्वालोकन करती है।  उपन्यास का अनुवाद डेजी रॉकवेल द्वारा किया गया है। 



लेखिका गीतांजलि श्री दिल्ली में रहती हैं। उनके अब तक पाँच उपन्यास ('माई', 'हमारा शहर उस बरस', 'तिरोहित', 'खाली जगह', 'रेत-समाधि' ) और चार कहानी संग्रह ('अनुगूँज', 'वैराग्य', 'प्रतिनिधि कहानियाँ','मार्च माँ और साकुरा', 'यहाँ हाथी रहते थे') प्रकाशित हो चुके हैं। उनकी कृतियाँ इंग्लिश, फ्रेंच, जर्मन, कोरियाई और सर्बियन भाषा में अनूदित हो चुकी है। 

डेजी रॉकवेल पैंटर, लेखिका और अनुवादिका हैं। वह वरमॉन्ट यूएसए में रहती हैं। उन्होंने हिंदी और उर्दू के कई क्लासिक कृतियों जैसे उपेन्द्रनाथ अश्क की गिरती दीवारें, भीष्म साहनी की तमस और खाजीदा मस्तूर की आँगन इत्यादि का अनुवाद किया है। अपने अनुवादों  के लिए वह कई पुरस्कार भी जीत चुकी हैं। 

ज्ञात हो अंतरराष्ट्रीय बुकर पुरस्कार (International Booker Prize) अंग्रेजी में अनूदित पुस्तकों के लिए हर वर्ष दिया जाता है। पुरस्कार का मकसद अंग्रेजी में अनूदित हुए उच्चस्तरीय साहित्य को सम्मानित करके उत्कृष्ट रचनाओं के अनुवाद को प्रोत्साहित करना और अनुवादक के महत्व को पहचान देना है। वहीं लेखक और अनुवादक के महत्व को बराबर मानकर 50000 पौंड (लगभग 50 लाख) की पुरस्कार राशि को लेखक और अनुवादक के बीच बराबार भागों में बाँट दिया जाता है। 


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2 Comments
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  1. महत्वपूर्ण सूचना
    गीतांजलि श्री जी को हार्दिक शुभकामनाएँ

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    1. जी सही कहा। लेखिका के साथ साथ दूसरे हिंदी लेखकों के लिए भी यह अच्छी खबर।

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