आज का उद्धरण

हरिशंकर परसाई | हरिजन मन्दिर और धर्म | हिंदी कोट्स

समाज का कसमसाना प्रगति का लक्षण है, परिवर्तन का लक्षण है। जो समाज कसमसाता नहीं है, वह जड़ रह जाता है। इस कसमसाहट के कारण इक्का-दुक्का घटनाएं होती हैं। ये प्रतीक हैं- व्यापक परिवर्तन और विकास की इच्छा की। ये घटनाएँ अच्छी भी होती हैं और दुखदायी भी।

- हरिशंकर परसाई, हरिजन मन्दिर और धर्म

किताब लिंक:  हार्डकवर

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