आज का उद्धरण

सुचित्रा भट्टाचार्य | अपने लोग | हिन्दी कोट्स

आदमी अगर उदास हो और अचानक ही कोई उसे खोए हुए नाम से आवाज देने लगे, तो उसका मन एकबारगी, खिल उठता है। अपने घर-गृहस्थी की परेशानियाँ, जिन्दा रहने की मुश्किलें, पाने-खोने के सुख-दुःख कुछ भी याद नहीं रहता।

- सुचित्रा भट्टाचार्य, अपने लोग

किताब लिंक: हार्डकवर

© विकास नैनवाल 'अंजान'

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2 Comments
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  1. बिल्कुल सच । याद दिलाने के लिए शुक्रिया विकास जी ।

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