आज का उद्धरण

गीताश्री | हिन्दी कोट्स | बाँहों के दरमियाँ



पहला इश्क, अपने होश की पहली बारिश, पहला नशा और पहली मदहोशी कौन भूल सका है भला। लड़की के साथ तो बहुत कुछ पहली बार होता है। पहले की छाया जीवन भर चली आती है।

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2 Comments
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  1. आपकी इस प्रविष्टि् की चर्चा कल रविवार (27-12-2020) को   "ले के आयेगा नव-वर्ष चैनो-अमन"  (चर्चा अंक-3928)    पर भी होगी। 
    -- 
    सूचना देने का उद्देश्य है कि यदि किसी रचनाकार की प्रविष्टि का लिंक किसी स्थान पर लगाया जाये तो उसकी सूचना देना व्यवस्थापक का नैतिक कर्तव्य होता है। 
    --   
    हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।  
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    सादर...! 
    डॉ.रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक' 
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    1. चर्चा अंक में मेरी पोस्ट को शामिल करने के लिए हार्दिक आभार.....

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