Thursday, November 5, 2020

आज का उद्धरण

मुंशी प्रेमचंद कोट्स


जवानी जोश है, बल है, दया है, साहस है, आत्मविश्वास है, गौरव है और है वह सब कुछ - जो जीवन को पवित्र, उज्जवल और पूर्ण बना देता है। जवानी का नशा घमंड है, निर्दयता है, स्वार्थ है, शेखी है, विषम-वासना है, कटुता है और है वह सब कुछ - जो जीवन को पशुता, विकार और पतन की ओर ले जाता है। 

- मुंशी प्रेमचन्द, घासवाली 

मुंशी प्रेमचन्द की कहानी घासवाली मानसरोवर भाग 1 में संकलित है। किताब के विषय में मेरी राय निम्न लिंक पर जाकर पढ़ सकते हैं:
मानसरोवर 1

किताब निम्न लिंक पर जाकर खरीदी जा सकती है:
पेपरबैक किंडल हार्डकवर

2 comments:

  1. आज का उद्धरण ..मानवता का पोषक होने के साथ एक सीख है जो दुर्गुणों से बचने का मार्ग है..बहुत सुन्दर ।

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