देवेन्द्र प्रसाद



किताब परिचय: लौट आया नरपिशाच | देवेन्द्र प्रसाद


देवेन्द्र प्रसाद की प्रारम्भिक शिक्षा उत्तराखण्ड के चमोली और टिहरी जिले में पूरी इसके पश्चात  इन्होंने शिवालिक कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग देहरादून से 2012 में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई पूरी की और कुछ वर्षों तक जिन्दल स्टील एंड पावर लिमिटेड रायपुर (छत्तीसगढ़) में क्वालिटी इंजीनियर के पद पर कार्य किया। इन सब के साथ में कहानियाँ भी लिखते रहें।

कुछ सालों तक नौकरी के पश्चात भी इनके अंदर के लेखक को शांति नहीं मिली तो इन्होंने अपने अनुभवों को और किस्सों को कहानियों की शक्ल दे दी। अपने यात्रा वृतांत और भूत-प्रेत के सच्चे अनुभवों को शब्दों के जाल में पिरोकर अपनी एक अलग पहचान बना चुके है।

वर्तमान में ये अपने माता पिता और भतीजी आश्वि और भतीजे अयांश के साथ देहरादून में निवास करते है और नौकरी के साथ विभिन्न उपन्यासों को लिखने में मसरूफ़ हैं। इन्हें बहुत आसानी से सोशल मीडिया पर ढूँढा जा सकता है।

इनकी अब तक आठ पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं।  प्रतिलिपि और कहानियाँ नामक प्लेटफार्म में ये असंख्य कहानियाँ प्रकाशित कर चुके हैं। कई पत्रिकाओं में भी यह प्रकाशित हो चुके हैं। वहीं कुकू और पॉकेट एफ एम जैसे एप्लीकेशन में इनकी कहानियों के ऑडियो संस्करण आ चुके हैं।

सम्पर्क:

पुस्तकें


उपन्यास:

  1. लौट आया नरपिशाच (अमेज़न)
  2. भूत की गर्लफ्रेंड (अमेज़न)

लघु-उपन्यास:


कहानी संग्रह:

  1. खौफ कदमों की आहट (अमेज़न)
  2. नरपिशाच (अमेज़न)

साझा संकलन

  1. हॉरर स्टोरीज (कहानी संकलन | अर्चना प्रकाशन) (अर्चना प्रकाशन)
  2. डार्क नाईट (कहानी संकलन | नोशन प्रेस) 
  3. The awaken grave (कहानी संकलन | Flairs & Glairs Publications)
  4.  Love & Diaries (कहानी संकलन | Flairs & Glairs Publication)
  5.  अल्फ़ाज़-ए-एहसास (कविता संकलन | नोशन प्रेस)
  6.  माँ ही मेरा रब है(कविता संकलन | नोशन प्रेस)