किताब परिचय: ढाई चाल - नवीन चौधरी

किताब परिचय: ढाई चाल - नवीन चौधरी

 


किताब परिचय

सत्ता की हिस्सेदारी के लिए कुछ तबकों के बीच ठनी वर्चस्व की लड़ाई, जिनकी तरफ देश की आम जनता बड़ी उम्मीदों से ताकती रहती है। एक बलात्कार को राजनीति की बिसात बना देने वालों की कहानी, जिनसे लोग न्याय के लिए साथ की अपेक्षा रखते हैं। धर्म, जाति, मीडिया और राजनीति के नेक्सस की एक ऐसी आपराधिक कथा जो किसी काल्पनिक या दूर की दुनिया की बात नहीं; बल्कि हमारे आसपास रोज़ घट रही घटनाओं का कच्चा चिट्ठा है। छल-प्रपंच और निजी सम्बन्धों के भीतर चल रहे राजनीतिक समीकरणों की एक ऐसी कथा जो चौंकाती तो है, लेकिन बेभरोसे की नहीं लगती।‘ढाई चाल’ उपन्यास इस समय की राजनीति की रोमांचक कथा है। राजनीति जो घर और रिश्तों में जड़ें पसार चुकी है, राजनीति जो हमारे समय का सबसे बड़ा मनोरंजन है, राजनीति जो कि अब थ्रिलर है। 

- अमेज़न से 

पुस्तक लिंक: अमेज़न 


लेखक परिचय

नवीन चौधरी



नवीन चौधरी बिहार के मधुबनी ज़िले में जन्मे, जयपुर में पले-बढ़े और वर्तमान में नोएडा में रह रहे नवीन चौधरी मार्केटिंग प्रोफ़ेशनल हैं। ब्लॉगिंग के ज़रिए लेखन क्षेत्र में आए नवीन का छात्र राजनीति पर आधारित पहला उपन्यास ‘जनता स्टोर’ दैनिक जागरण-नील्सन की टॉप 10 हिन्दी बेस्टसेलर लिस्ट में रहा है। 

इनके लेख और व्यंग्य अख़बारों एवं न्यूज़ वेबसाइट्स में प्रकाशित होते रहे हैं। वे दैनिक भास्कर, आदित्य बिड़ला ग्रुप, दैनिक जागरण और ऑक्सफोर्ड युनिवर्सिटी प्रेस के ब्रांड एवं मार्केटिंग विभाग में विभिन्न पदों पर काम कर चुके हैं। वर्तमान में मार्केटिंग कंसल्टेंसी के अतिरिक्त ओटीटी प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रीनप्ले भी लिख रहे हैं। 

सम्पर्क: naveen2999@gmail.com | वेबसाईट

नोट: 'किताब परिचय' एक बुक जर्नल की एक पहल है जिसके अंतर्गत हम नव प्रकाशित रोचक पुस्तकों से आपका परिचय करवाने का प्रयास करते हैं। अगर आप चाहते हैं कि आपकी पुस्तक को भी इस पहल के अंतर्गत फीचर किया जाए तो आप निम्न ईमेल आई डी के माध्यम से हमसे सम्पर्क स्थापित कर सकते हैं:

contactekbookjournal@gmail.com


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2 Comments
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  1. आपकी इस प्रविष्टि के लिंक की चर्चा कल बुधवार (13-10-2021) को चर्चा मंच         "फिर से मुझे तलाश है"    (चर्चा अंक-4216)     पर भी होगी!--सूचना देने का उद्देश्य यह है कि आप उपरोक्त लिंक पर पधार करचर्चा मंच के अंक का अवलोकन करे और अपनी मूल्यवान प्रतिक्रिया से अवगत करायें।
    --
    श्री दुर्गाष्टमी की हार्दिक शुभकामनाओं के साथ।
    डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री 'मयंक'   

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    1. जी चर्चा लिंक में पोस्ट को शामिल करने हेतु हार्दिक आभार...

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