आज का उद्धरण

कमलेश्वर  | काली आँधी | हिन्दी कोट्स


तो वक्त ही बदल दो....

बदलने की ताकत सबमें नहीं होती...जिनमें होती है वे...वक्त को बदलते-बदलते खुद बदल जाते हैं....वे, जिनके पास यह शक्ति है, शायद वक्त को बदलना भी नहीं चाहते...सिर्फ इस्तेमाल करना चाहते हैं।

 - कमलेश्वरकाली आँधी

किताब लिंक: किंडल

FTC Disclosure: इस पोस्ट में एफिलिएट लिंक्स मौजूद हैं। अगर आप इन लिंक्स के माध्यम से खरीददारी करते हैं तो एक बुक जर्नल को उसके एवज में छोटा सा कमीशन मिलता है। आपको इसके लिए कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं देना पड़ेगा। ये पैसा साइट के रखरखाव में काम आता है। This post may contain affiliate links. If you buy from these links Ek Book Journal receives a small percentage of your purchase as a commission. You are not charged extra for your purchase. This money is used in maintainence of the website.

Post a Comment

4 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.
  1. कमलेश्वर जी ने कम-से-कम भारत के सन्दर्भ में तो बिलकुल सटीक ही कहा है। इस यथार्थपरक विचार को साझा करने के लिए आपका आभार विकास जी।

    ReplyDelete
    Replies
    1. जी सही कहा आपने सर.,, वैसे मुझे लगता है भारत के बाहर भी ज्यादातर लोग उसी श्रेणी के हैं जो इस्तमाल करना चाहते हैं.....

      Delete

Top Post Ad

Below Post Ad