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Monday, March 22, 2021

नीलम जासूस कार्यालय का चौथा सेट हुआ रिलीज़

प्रकाशन संस्थान नीलम जासूस कार्यालय द्वारा उनका चौथा सेट रिलीज़ कर दिया गया है। नीलम जासूस कार्यालय हिन्दी अपराध साहित्य के दिग्गज उपन्यासकारों के क्लासिक उपन्यासों को पुनः प्रकाशित कर रहा है। इस प्रकाशन संस्थान से अब तक जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा, वेद प्रकाश काम्बोज और परशुराम शर्मा के उपन्यास पुनः मुद्रित हो चुके हैं। 

प्रकाशन द्वारा प्रकाशित इस सेट में जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा के सात उपन्यासों को चार पुस्तकों में और वेद प्रकाश काम्बोज के विजय सिंगही श्रृंखला के पाँच  उपन्यासों को तीन पुस्तकों में प्रकाशित किया गया है।  

जनप्रिय लेखक ओम प्रकाश शर्मा के उपन्यास:

  1. राजगुरु, विद्रोही जादूगर (2 इन 1) - मूल्य 200 रूपये
  2. पिशाच सुंदरी की वापसी (गोपाली-जगत श्रृंखला) - मूल्य: 200 रूपये 
  3. रुक जाओ निशा (सामाजिक उपन्यास) - मूल्य:  225 
  4. देशद्रोही वैज्ञानिक, मंगोल सुंदरी, जलता हुआ समुद्र (राजेश, जगत, जयंत श्रृंखला) (थ्री -इन - वन)- मूल्य: 250 रूपये
वेद प्रकाश काम्बोज द्वारा लिखित उपन्यास
  1. रहस्यमयी आवाज (दो भाग) - मूल्य: 200 रूपये 
  2. भयानक बदला, तबाही का देवता (2 इन 1) - मूल्य:250 रूपये 
  3. सिंगही न्यूयॉर्क में - मूल्य: 150 
वैसे तो इस पूरे सेट का मूल्य 1475 रूपये है लेकिन अगर आप इसे मंगवाते हैं तो आपको यह दस प्रतिशत डिस्काउंट के साथ मुहैया करवाया जाता है। 

किताब आप पेटीएम और गूगल पे से आर्डर देकर मँगवा सकते हैं। 

गूगल पे: 9310032470,  पेटीएम: 8595667924

नीलम जासूस कार्यालय का चौथा सेट हुआ रिलीज़


अगर आप पिछले तीन सेट में प्रकाशित उपन्यास मँगवाना चाहते हैं तो नीलम जासूस कार्यालय की साईट या अमेज़न के माध्यम से भी पुस्तकों को मँगवा सकते हैं। 


नीलम जासूस कार्यालय द्वारा प्रकाशित की जाने वाले उपन्यासों की जानकारी आप उनके फेसबुक पृष्ठ को लाइक करके भी पा सकते हैं:

© विकास नैनवाल 'अंजान'

6 comments:

  1. ये खबर निसंदेह शुभ है।

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    1. जी सही कहा.. पुराने क्लासिक उपन्यास का नवीन संस्करण ऐसे पाठकों के लिए लाभदायक होगा जो कि इन्हें पढ़ना तो चाहते थे लेकिन अनुपलब्धता के चलते पढ़ नहीं पा रहा था...

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  2. हृदय से धन्यवाद।

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    Replies
    1. जी आभार.. साहित्य की खबरे विस्तृत पाठक वर्ग तक पहुँचे यही प्रयास है...

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  3. बहुत उपयोगी सूचना दी है विकास जी आपने ।

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