अक्टूबर 2019 में पढ़ी गई किताबें

अक्टूबर 2019 में पढ़ी गई किताबें

अक्टूबर का महीना इस साल मेरे लिए काफी अच्छा रहा है। ज़िन्दगी के नये पड़ाव की तरफ कदम बढ़ाये और इस बात से मैं अत्यधिक खुश हूँ।

इस महीने काफी छुट्टियाँ भी थी और इस कारण काफी वक्त घर में भी बिताया। ज्यादातर मैं घर से बाहर अकेला ही रहता हूँ लेकिन इस साल इस महीने परिवार के साथ काफी समय बिताने का मौक़ा भी मिला। मुझे यह अच्छा लगा क्योंकि दसवीं के बाद से काफी कम ही ऐसा होता है कि पूरे परिवार के साथ मुझे वक्त बिताने का मौका मिले।  उम्मीद है आगे ऐसे मौके आते रहेंगे।


खैर, अगर पढने की बात करूँ तो इस बार मैं केवल छः कृतियाँ ही पढ़ पाया। इसके पीछे शायद मुख्य कारण यह था कि मैंने आभासी दुनिया में भी काफी वक्त जाया किया। अगर वो न करता तो काफी कुछ पढ़ सकता था। बस इसी बात का थोड़ा सा मलाल मुझे है। आप ऑनलाइन जाते तो हो केवल एक झलक देखने के लिए लेकिन पता ही नहीं लगता कब आपको एक घंटा उधर हो जाता है। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है? मैंने तो इसलिए आभासी दुनिया में विचरण करने के लिए जो खुद के लिए सीमा निर्धारित करी है उसे नवम्बर में काफी सख्ती से पालन करने का इरादा कर लिया है।

यही नहीं नवम्बर में मैंने कुछ और करने का फैसला लिया है। पिछले कुछ महीनों से मैं महीने की शरूआत में काफी कुछ पढ़ने का इरादा करता हूँ परन्तु जब वह महीना खत्म होता है तो पाता हूँ कि महीने के अंत में मैंने केवल उन चीजों को छोड़कर काफी कुछ पढ़ लिया है। इस बार मैं ऐसा नहीं करूँगा। इस बार नवम्बर में मैं क्या पढूँगा इसको मैं पूर्वनिर्धारित नहीं करूँगा। मुझे लगता है योजनाबद्ध तरीके से पढ़ने का काम मुझसे नहीं हो पायेगा। अपने लिए रामधीर मैं खुद ही बनूँगा जो कि मुझसे ही कहेगा कि बेटा तुमसे न हो पाए। तुम रहने दो ये योजना बनाकर पढ़ने की बात। क्या आपके साथ भी ऐसा होता है या आप अगर सोचते हैं कि मुझे इस महीने कोई कृति पढ़नी है तो आप उसे पढ़ लेते हैं? अपने विचारों से मुझे अवगत जरूर करवाईयेगा।


नवम्बर मेरे लिए क्या लेकर आता है यह देखना तो बनता है लेकिन उससे पहले मैंने अक्टूबर में जो किताबें पढ़ी उसकी सूची देख लीजिये:


  1. Oak Avenue - Brandi Reeds  (Novelette)
  2. दूसरी  हत्या - सुरेन्द्र मोहन पाठक (उपन्यास) 
  3. The Jeera Packer by Prashant Yadav(उपन्यास)
  4. मुझे तुम्हारे जाने से नफरत है - प्रियंका ओम(कहानी संग्रह) 
  5. देवदास - शरतचन्द्र चट्टोपाध्याय  (उपन्यास - बांग्ला से हिन्दी में अनूदित)
  6. नंदित नरक में - हुमायूँ अहमद (उपन्यास - बांग्ला से हिन्दी में अनूदित)


तो ऊपर लिखी किताबें मैंने अक्टूबर में पढ़ी थी। कुछ के विषय में ब्लॉग में लिखा है और कुछ के विषय में अभी लिखने वाला हूँ। जिनके विषय में लिखा है उनके विषय में आप कृति के नाम पर क्लिक करके मेरी राय पढ़ सकते हैं। जैसे जैसे बाकियों के विषय में लिखूँगा तो उनके लिंक भी सक्रिय कर दूँगा। क्या आपने इनमें से किसी कृति को पढ़ा है? आपको वो कैसी लगी? बताईयेगा जरूर।

आपने अक्टूबर में क्या क्या पढ़ा है? किताबों के नाम जरूर साझा कीजियेगा। क्या पता मुझे कुछ ऐसे नये दोस्तों के विषय में पता चल जाए जिनसे मैं अभी तक परिचित नहीं हुआ हूँ?

अक्टूबर तो खत्म हो चुका है और नवम्बर की शुरुआत हो चुकी है। ठण्ड भी बढ़ने लगी है। ठण्ड का मौसम मुझे व्यक्तिगत तौर पर काफी पसंद है। बाज़ार में मूंगफलियाँ आ जाती हैं और आप उन्हें खाते हुए मजे से वक्त भी काट सकते हो और सेहत भी बना सकते हो। घूमने फिरने के लिए भी मुझे यह सबसे अच्छा मौसम लगता है तो मैं उम्मीद करता हूँ कि नवम्बर में काफी कुछ घूमने फिरने को मुझे मिलेगा। वहीं उम्मीद है कि नवम्बर में कुछ अच्छी कृतियों और अच्छे किरदारों के साथ वक्त बिताने का मौका मुझे मिलेगा।

आपका नवम्बर में क्या करने का विचार है?  क्या ठण्ड का मौसम आपको पसंद है? अगर हाँ तो क्यों? अगर नहीं तो आपका पसंदीदा मौसम कौन सा है? मुझे जरूर बताईयेगा। मुझे इन्तजार रहेगा।

© विकास नैनवाल 'अंजान'
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4 Comments
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  1. आपसे प्रेरित होकर मैंने भी किताब पढ़ना शुरू कर दिया है... अक्टूर में कुल 10 किताबें पढ़ी... लेकिन नम्बर की शुरुआत से ही जिंदगी में कुछ उथल-पुथल आ गयी और अचानक हुए बदलाव के कारण अभी किताबें शुरू भी नहीं कर पायेगा... लेकिन हर महीने कम-से-कम पाँच किताबों का टारगेट है शायद अभी भी पूरा कर लूँगा...
    keep inspiring sir...

    https://urkumarashish.blogspot.com/search/label/Books%20%3A%20My%20Love

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    1. जी, आभार। पढ़ते रहिये। हाँ,ज़िन्दगी में उथल पुथल तो आती ही रहती है। यह ज़िन्दगी जीना नियम है। सब ठीक हो जायेगा। उम्मीद है आप अपने लक्ष्य को पा लेंगे।

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  2. सर्दी..मूंगफली.. उपन्यास.. इनसे अच्छा कुछ हो ही नहीं सकता ।



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    1. जी सही कहा मैम। मूंगफली और सर्दी मेरे प्रिय हैं। मज़ा आ जाता है जब ये दोनों एक साथ हो जायें तो। 

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