एक बुक जर्नल: लुक छुप जाना

Tuesday, January 27, 2015

लुक छुप जाना

रेटिंग: २.५/५
स्टोरी: २.५/५
आर्ट : २.५/५

संस्करण विवरण:
फॉर्मेट : पेपरबैक
पृष्ठ संख्या : ४८
प्रकाशक : राज कॉमिक्स


लेखक : तरुण कुमार वाही
पेन्सिलर : आदिल खान
कलरिस्ट : जॉन पॉलोस,जगत


'अनसुलझी' नामक सीरियल को बनाते थे वो दस लोग। और इसी सीरियल को बनाने के लिए रहस्यमयी जगहों की तलाश में रहते हैं। इसी रहस्य की तलाश में वो चले गये काल किले में जहाँ किम्वंद्न्ति कि जो भी व्यक्ति उसमे जाता था वो वापिस नहीं आता था। वो इसे अंधविश्वास समझते थे फिर उनका सामना ऐसी रूह से हुआ जिसने उनके साथ मौत का खेल शुरू कर दिया। कौन थी ये रूह और क्या चाहती थी? क्या वे बच पायें। जानने के लिए पढ़िए राज कॉमिक्स द्वारा प्रकाशित ये हॉरर कॉमिक। 


कॉमिक अच्छा था लेकिन शुरू होते ही ख़त्म हो गया। मुझे अक्सर ऐसे कॉमिक पसंद नहीं है जिसकी कहानी अगले हिस्से में बढ़ा दी जाती है। लेकिन इस मामले में मेरे पास इस कॉमिक का दूसरा भाग 'धप्पा' मौजूद है। आर्ट वर्क अच्छा लगा लेकिन पात्र भारतीय नहीं लग रहे थे और मैं उनके कपडे की वजह से नहीं कह रहा हूँ। उनका चेहरा मोहरा भारतीय नहीं लग रहा था। और इसमें संवाद ऐसा था कि वो इनके ऊपर मिलते हुए नहीं लगता था। जैसे गेट को फाटक कहना, हौनटेड को अभिशप्त इत्यादि।   

खैर कॉमिक मुझे ठीक ठाक लगा। मैं दूसरे हिस्से को पढ़ूँगा । और आपसे भी कहूँगा कि अगर आप 'लुक छुप जाना' पढ़ रहे हैं तो इसका अगला भाग धप्पा ज़रूर खरीदिएगा।
आप इस कॉमिक को निम्न लिंक से मंगवा सकते हैं :


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